तेरे लिए गुलाब
तुझे नहीं पता तेरे एक गुलाब के लिए.....मुझे कितनी लड़ाई करनी पड़ी थी ....उस डाल से खुद उस गुलाब से...........जो बार बार कह रहा था......नहीं मुझे मत मारो में अभी नहीं मरना चाहता.....में अभी नहीं टूटना चाहता..........नहीं चाहते हुए भी कर रहा था में सब कुछ.... पहली बार खुद को मार दिया था मेने.....तेरे लिए.....तेरी ख़ुशी के लिए...........पता नहीं क्यूँ में वो हर काम करने के लिए.....त्यार हो जाता हूँ...........जिससे तुझे ख़ुशी मिले......
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