Wednesday, 28 August 2013

आइना दिल

1..

टूट कर दिल नहीँ,मिट्टी के खिलौने जुड जाते हैँ....
निशाँ तेरे कदम वही, मेरे मुड जाते हैँ...
करना हो इजहारे मोहोब्बत, तो खामोश रहकर करना...
अल्फाजो का क्या हवा मैँ उड जाते हैँ....! 

2.


आंखो से गिर्ते आंसु थामना जरूरी है ....
हक़ीक़त मै सही ख्यावो मे भी दूरी है ...
कैंसे दु आपको ईद की मुबारक दोस्तो ...
चान्द मेरा गुम है अभी ईद अधूरी है....!

3..



मोती मोहोब्बत का, दिलो की भीड मेँ खो गया है...
चाँद भी अब सूरज के, हवाले हो गया है....
ओढ लेता हूँ रजाई अपने आँसू छुपाने के लिए...
माँ समझती है बेटा, आज जल्दी सो गया है....!

4..



दौलत मोहोब्बत की, हम कमाने निकले...
बुझे दिले को फिर से जलाने निकले...

ठगे गये हैँ इस मोहोब्बत के कारोबार मेँ,,
सभी व्यापारी मुझसे सयाने निकले...

चुका ना पाऊँगा तेरा ये कर्ज मोहोब्बत का,,
आज फिर ये बात उसे समझाने निकले...

पहचानता है आईना मुझे अभी भी तेरे घर का,,
फिर क्यूँ तुम अलग पहचान बनाने निकले...

खोली किताब तो कुछ नया ना पाया,,
वही तेरे खत पुराने निकले....!!

5..

फूल मुरझा जाते हैँ एहसास नहीँ...
मोहोब्बत आई हमको रास नहीँ..

एक वादा किया खुद से जो निभा रहा हूँ..
टूट के चाहा उनको हमने, उन्होने कोई खास नहीँ...

नहीँ रह पाऊँगा तेरे बिन ये तू जानती है,
क्या फिर से मिलने की कोई गुँजाइस नहीँ...

समझते थे जिसकी बजह से खुद को सबसे खुशनशीब,,
आज वही हमारे पास नहीँ...

चाहूँ तो पी लूँ फिर से मोहोब्बत का पैमाना,
 मगर दोस्तो,अब पहले जैसी प्यास नहीँ....!!

6..

तोडकर दिल मेरा मुझे वो बधाई देती है...
थी आँखो मैँ कभी जो अब दूर दिखाई देती है...

छाई है ख्यालो मैँ इस कदर कि..
बच्चे होँ या बूढेँ सब मे सुनाई देती है...

दिया था मैने चाहत का तोफहा जिसे...
बदले मैँ वो मुझे गम की रजाई देती है...

पाया था जिसे दुनिया से लडकर मैनेँ...
वही मेरे खिलाफ गवाई देती है......!!!

7.

तेरी यादोँ के हिस्से मैँ, एक रविवार नहीँ निकला..
जो खंजर तूने घोँपा था, वो दिल के पार नहीँ निकला..
बडी बेफ्रिक है कि अब, तुझे मेँ भूल जाऊँगा..
ये दिल सीने से निकला है, दिल से प्यार नहीँ निकला...! 







Sunday, 5 May 2013

safar ab tak

1..फिर आज उसकी तरफ, निगाह करते हैँ..


लगने दो नमक जख्मोँ पर, थोडा सा आह करते हैँ...

मुद्दतेँ गुजरी की जख्म अब, भरने लगेँ हैँ..

चलो फिर से वही, गुनाह करते हैँ...! 




बदल वो गई है इतनी,कि अब अफताब नहीँ लगती...
मोहोब्बत के दरिया मैँ,किनारे नाव नहीँ लगती...
ये तीरे-नजरेँ खाकर बस,रह गया है दिल....
विरह की धूप मेँ हमको,मिलन की छाँव नहीँ लगती.....!!


2.जख्म दिये हैँ तो फिर,मरहम क्यूँ लगाते हो..

अभी तो होश मैँ आये,अभी फिर क्यूँ पिलाते हो...

मोहोब्बत है नहीँ वैसी,जैसा तुम समझते हो...

निभाना है नहीँ आसाँ,कसमेँ क्यूँ खिलाते हो...!!



3..मुद्दतो बाद दुआयोँ मेँ असर आया है,
तुम चले आये हो या चाँद नजर आया है...!!
4..

जो हमने ना की हो, मोहोब्बत की वो इवादत नहीँ...
किसी भँवरे के फूल को पाने की,हमे चाहत नहीँ...
हम तो एक फूल को टूटकर चाहने वाले भँवरे हैँ....
यूँ हर कली को देखकर, उसकी तरफ उड जाना, हमारी आदत नहीँ...!

5.


आज फिर कहीँ गमोँ की इबादत ना कर लूँ..
तन्हा किया किसी ने इतना,
डरता हूँ तन्हाईयोँ से मोहोब्बत ना कर लूँ....


6.
ख्याब बनकर लो चला मेँ,अब किसी की आँखोँ मैँ....
वो भी सपने बुनती मेरे,अक्सर जागी रातोँ मैँ....
थी मोहोब्बत से शिकायत,जो अब दूर हो गयी....
जो देखी मोहोब्बत की रेखा, अपने हाथो मेँ...!!!


7.
रुक जाते कदम वही,जहाँ तेरे नख्श-ए-कदम देखते हैँ,,
जिस भी आईने मेँ देखते वस, आँखोँ को नम देखते हैँ,,
और इस्से ज्यादा क्या होगी, मेरी मोहोब्बत,,
तुझे नहीँ तेरी परछाई को पाने का,सपना हम देखते हैँ....!!!



8..

हम मोहोब्बत जिसे समझाने निकले..
शहर मेँ उसके हजारो दिवाने निकले...
हम चाहते रहे जिन्हेँ अपनो की तरह....
वही तो वक्त के साथ वैगाने निकले...!!!


9.
मोहोब्बत जिस से होती है,मोहोब्बत उसे होती नहीँ,,
मोहोब्बत जिस से करते हैँ, मोहोब्बत उस से होती नहीँ...!!!!


10.
मोहोब्बत और जमाने की, ये जो तकरार पुरानी है....
कहीँ मँजनु दिवाना है,कहीँ लैला दिवानी है....
गिरा कर एक भी आँसू, गर दोनोँ की आँखोँ से....
मोहोब्बत का वो मोती है, जमाने का वो पानी है....!!




11.
मुझको इल्म ना था, कोई दिल में रहता है...
हकीक़त में नहीं वो कुछ, ख्यावो में कहता है....
मुझे बस इतना पता है,मेरी मोहोब्बत में...
उसकी आँख का आंसू ,मेरी आँख से बहता है......!

















Friday, 4 January 2013

यादें कुछ अनकही सी


मुझको दे  गयी वो ज़ख्म इतने,
समझ नहीं आता किस पर मलहम लगाऊं.........


में सोचता रहा हमेशा ,में डोर हूँ उसकी वो है मेरी पतंग,छोड़ गयी मुझे हकीक़त में अकेला,मगर में जीता रहा, ख्यावो में उसके संग...




2.सर्द रातों में भी देखता हूँ आसमान की ओर,कहीं कोई टूटता तारा दिखे तो उसे मांग लूँ.......

.3.तेरी यादों के समुन्दर में कहीं डूब ना जाये , ये दिल.तेरी दूसरी तस्वीर नहीं है मेरे पास.......


4.वादा किया था जिसने हँसाने का,आज उसकी आँखों में नमी नज़र आई है..तारीफ करते थे चाँद की,पास आकर देखा तो उसमे भी कमी नज़र आई है...


7.
तुम रहोगे मेरे साथ तो दोस्त्त क्या समझेंगे,,मेरी यही तमन्ना और उसका यही बहाना था..........8.


मेरी तन्हाई का आलम, भला तू क्या जान पायेगी..कभी टुटा जो दिल तेरा, तो मेरी याद आएगी,बिछड़ना पड़े तुझको मोहोब्बत में, कभी मेरी तरह,मोहोब्बत क्या होती है, ये तू भी जान जाएगी.....


9.ज़रा धीरे से तोडना मेरा दिल,,कहीं तेरी तस्वीर ना टूट जाये.......


10.मिला जो तेरी आँखों का रास्ता,भूल गया हूँ में मयखाने का रास्ता......



11.जब भी आये आंसू तेरी याद में,वस तेरी यादें समझकर उन्हें आँखों में ही रहने दिया......



12.आइना कहता है मेरा मुझसे-
तारीफ करते थे तुम जिसकी खड़े होकर मेरे सामने..बर्बाद करके तुम्हे हंसती है आज ,खड़े होकर मेरे सामने.....


13.तेरी यादों से धड़क रही है धड़कन मेरी,,ना जाने क्यूँ धड़कने रोकने को जी चाहता है......



14.आँखों में कुछ नमीं सी आई है,,आज फिर वो पगली लड़की बहुत याद आई है.....



15.किसी ने आज मुझसे पूछा, की बेबफाई क्या है,,ना जाने क्यूँ अचानक उसका नाम जुबां पे आ गया......


16.डूब जाऊंगा म.

20.कोशिश की उसको भुलाने की,,कमबख्त आज उसका चेहरा फिर दिख गया.....


21.तूने प्यार दिया इतना की अब कोई प्यारा ना लगे,अब कर बेबफाई इतनी की और कोई बेबफा ना लगे.....



22.नहीं बाहाता में आंसू तेरे इंतजार में....शायद ये तेरे मिलने की ख़ुशी में काम आयेंगे.......


23.क्यों मरहम लगा रहे हो अब ज़ख्म देकर,अब एक ही तो तेरे प्यार की निशानी बची है........


24.हमसे प्यार की इन्तहां क्या पूछते हो,वो वो हमसे प्यार करना सीखती रही, किसी और के लिये....


25.तेरी आँखों के रस्ते से, तेरे दिल में आऊंगा,मेरी सांसों की खुशबु से, तेरी धड़कन बड़ाऊँगा,अभी तो दूर से देखा है, तेरी आँखों को मेने,जो कभी पास आये तो, में खुद को भूल जाऊंगा..........



26.नहीं जानता कैसे मेने उसे खो दिया,किया उसको इतना याद.. की आज यादों ने भी रो दिया....


27.मुझे पता है अब रोने से कुछ नहीं होगा,मगर इतना पता है मेरे रोने से तेरे लिये प्यार कम नहीं होगा |



28.वो गुलाब भी कर रहा है तेरा इंतजार,जिसे तोडा था कभी मैने तेरे लिये....


29.वो डाली भी सूखने लगी है अब,जिससे मेने पहली बार प्यार का फूल तोडा था.....


30.सोचा आज फूलों में पानी दे दें,फिर क्या था- गये बाग़ में और उसको याद किया.....



31.जब जब दिल ने तुझे याद किया ,तब तब इस दिल की तन्हाई बड़त्ती गयी..जब दिल ने तुझे भुलाना चाहा तो इस दिल की धड़कन थम सी गई ......



31.ऐसे गुमराह ना कीजिये हमें इस दोराहे पर,कभी मेरी जगह तुम भी होगे......



32.रोना अच्छी बात नहीं है,लेकिन हँसते हँसते अचानक रोना बहुत अच्छी बात है......


33.ना जाने कब ख़त्म होंगी ये इंतजार की घड़ियाँ,कहीं इसी इंतजार में ये धड़कने ख़त्म ना हो जायें .....


34..एक अजनबी सा एहसास, मुझे सताने लगा है,

ये दिल एक नया घर बसाने लगा है,

रातों को उठ उठ कर अब, देखने लगा हूँ आइना,,

मेरे ख्वाबो में भी अब, कोई आने लगा है....!!!!!!!

35..

मोहोब्बत एक पहेली है, इसे सुलझा लूँगा में,,

अपने शब्दों में पिरोकर, तुझे गा लूँगा में,,

कुछ पल जी लेने दे अपने साथ मुझे,,

फिर तेरी तस्वीर से ही, इस दिल को बहला लूँगा में......!!!!!!!!!!!!

36..

एक पल भी मुझसे हटकर तुझे देखना गवाँरा नहीँ,


चलो हम आईना बदल लेते हैँ....
37..

टूट गयी है माला, बिखर गए हैं मोती,,

दोस्त तेरे बिन,अब ये आँखे रात भर नहीं सोतीं,,

क्यूँ बिछड़ गया है तू इतने जल्दी मेरे दोस्त ,,

अब कोंन लडेगा मुझसे,और खायेगा मेरे हाथ से छीनकर रोटी.......

38..

मेरी मोहोब्बत मेरे लिये किसी पहेली से कम नहीं,,

कभी इस पहेली में वो नहीं, तो कभी इसमें हम नहीं......!

39..

काश तू मेरे गिटार का तार होती,,

तुझे छूते ही दिल में मेरे झंकार होती,

तुझ में बह जाता में,हमेशा के लिए,

काश तू एक ऐसी नदी की धार होती......!!!!!!

४०..

दिल से निकली तो आह बन गयी,

जुबा से निकली हर  दुआ बन गयी,,

में मानता नहीं था खुदा को,

मगर जब से तुझे देखा, तो तू मेरे लिए खुदा बन गयी....!!!!!



























Thursday, 20 December 2012

वो कौन थी


बरसों से थी उसकी  मुझे बर्बाद करने की शाजिश,,

न जाने उसे इतनी हिम्मत कौन दे गया.............

ये दर्द और तन्हाई की आग अब  बुझती नहीं,,

पता नहीं इसे इतनी हवा कौन दे गया.........

यूँ तो हँसते रहते थे हमेशा,,

मगर यूँ हँसते हँसते रोने की सजा कौन दे गया......

तन्हाई,बेबसी,आंसू अब थमते नहीं,,,

इन्हें मेरे घर का पता कौन दे गया........

सोये नहीं हैं सदियों से,,

पता नहीं इन आँखों से नींद कौन ले गया........

लिखना नहीं आते थे दो शब्द भी ,,

 मगर ना जाने ये लिखने का हुनर कौन दे गया.....

 

Wednesday, 19 December 2012

तेरे लिए गुलाब

तुझे नहीं पता तेरे एक गुलाब के लिए.....मुझे कितनी लड़ाई करनी पड़ी थी ....उस डाल से खुद उस गुलाब से...........जो बार बार कह रहा था......नहीं मुझे मत मारो में अभी नहीं मरना चाहता.....में अभी नहीं टूटना चाहता..........नहीं चाहते हुए भी कर रहा था में सब कुछ.... पहली बार खुद को मार दिया था मेने.....तेरे लिए.....तेरी ख़ुशी के लिए...........पता नहीं क्यूँ   में वो हर काम करने के लिए.....त्यार हो जाता हूँ...........जिससे तुझे ख़ुशी मिले......   

Tuesday, 18 December 2012

कॉलेज का पहला दिन

अब वक्त आ गया था कुछ कर दिखाने का......

अब आ गया था में....... अपने गाँव ..अपने घर अपने परिवार से बहुत दूर...........कुछ मेरे कुछ अपनों के सपनो को पूरा करने............हैं कुछ अरमान मेरे भी हैं कुछ सपने.....छूट गया था बचपन उन गाँव की गलियों में...........जहाँ से अब मेरी मंजिल का सफ़र शुरू होता है.......

कॉलेज का पहला दिन .....सभी अनजान चेहरे , में भी भटक रहा था इधर से उधर....जैसे किसी अपने  चेहरे की तलाश हो .....

सब एक दुसरे को घूर घूर कर देख रहे थे.......और देखते बभी क्यूँ नहीं, एक दुसरे को पहली बार जो देख रहे थे...... 

अनजाने लोग..अजनबी चेहरे ,..दिल बेताब था......नये नये दोस्त बनाने के लिए......और दोस्त भी बन गये.....फिर भी ना जाने क्यों कुछ अच्छा नहीं लग रहा था....फिर भी ना जाने क्यों किसी अपने की तलाश थी.....

ऐसे लग रहा था जैसे किसी नयी दुनिया में कदम रखा हो.........दिल भी कुछ घबराया हुआ  सा था.....

और भी था बहुत कुछ.......

तेरा इंतजार

मुझे आज भी है तेरा इंतजार...तेरे 

तेरे आने का इंतजार..........

फिर से तेरे रुलाने का इंतजार.....ना जाने अब कब ख़त्म होगा ये इंतजार...

वो गुलाब भी कर रहा है तेरा इंतजार जिसे तोडा था कभी मेने तेरे लिए..

मुद्दते गुज़र गयी है....नहीं जाना  नींद कैसी होती है...नहीं जाना भूख कैसी होती है.....जानता हूँ वस कैसा होता है इंतजार..........

नहीं बाहाता आंसू तेरे इंतजार में....शायद ये तेरे मिलने की ख़ुशी में काम आयेंगे........

 जीने की चाह तो नहीं है....मगर जी रहा हूँ तेरे प्यार में...........तेरे इंतजार में............

अर्ज़ किया है......

आँखे हैं नम, मगर एक भी आंसू बाहर ना पायेगा..

ये दिल भी कितना दगाबाज़ है, खुद को भूल जायेगा.....मगर तुझे ना भूल पायेगा......